हिंदी न्यूज़ – Analysis of Mayawati’s statement – मायावती के टारगेट पर दिग्विजय सिंह क्यों हैं


मध्यप्रदेश भाजपा में यह बात मशहूर है कि किसी सांसद, मंत्री को संगठन या संघ में अपने नंबर बढ़ाने हों तो वह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर मुखर होकर हमला कर दें. उसका प्रमोशन हो जाएगा. आज उन्हीं दिग्विजय सिंह को बसपा सुप्रीमो मायावती संघ का एजेंट बता रही हैं. यह इतना अप्रत्याशित आरोप है कि इसकी कल्पना भी कभी दिग्विजय सिंह ने नहीं की होगी. और संघ ने तो कतई नहीं.

सिमी बजरंग दल दोनों का विरोध

मायावती के आरोपों की पड़ताल करते हुए संघ और दिग्विजय सिंह की एजेंटगिरी को तलाशा जाए तो लंबी फेहरिस्त सामने आती है. एक ऐसा एजेंट जिसने हर मुद्दे पर संघ और बीजेपी को घेरा. यूपीए की 10 साल की सरकार में संघ से जुड़े कतिपय लोगों के खिलाफ बम बनाने के तक के खुले आरोप लगाए. सिमी जैसे संगठनों का  जितना विरोध उन्होंने किया, उतना ही बजरंग दल के खिलाफ भी बोले.  दिग्विजय सिंह ने तो ये तक कहा कि इन पर नज़र रखने की ज़रूरत है.

हिटलिस्ट में सबसे ऊपरसंघ के आला नेताओं ने कभी दिग्विजय सिंह के इन बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन भाजपा नेताओं ने उन्हें कभी नहीं छोड़ा. भाजपा प्रवक्ताओं की हिटलिस्ट में आज भी सबसे ऊपर उनका नाम  है. इसका असर यह है कि नर्मदा परिक्रमा के बाद वे अपने खुले बयानों से तौबा कर चुके हैं. और खुलकर कहने लगे हैं की यह काम अब कांग्रेस प्रवक्ता का है.

दुखती रग पर हाथ रखा

फिर आख़िर ऐसी क्या वजह है कि मायावती उन पर संघ भाजपा का ऐजेंट होने का आरोप लगा रही हैं? और कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने का ठीकरा भी उन पर फोड़ रही हैं? दरअसल मामला कुछ और है. अपनी बेबाक बयानी के लिए जाने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने बसपा सुप्रीमो की दुखती रग पर हाथ रख दिया है. उन्होंने मुखर होकर कहा है कि मायावती केंद्र सरकार, सीबीआई और ईडी के दबाव में हैं. इस वजह से गठबंधन नहीं हो पाया.

यूपी में मायावती को घेरा

दूसरा कुछ मामले पुराने हैं. जब दिग्विजय सिंह उत्तरप्रदेश के प्रभारी महासचिव थे और वहां मायावती की सरकार थी. उन्होंने मायावती के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाला था. भ्रष्टाचार के कई मामलों को सीबीआई जांच तक पहुंचाने का प्रयास किया था. मायावती सरकार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हत्या का मामला सुर्खियों में आया था. इस मुद्दें को दिग्विजय सिंह और यूपी कांग्रेस ने पूरा गरमा दिया था.

बसपा को बढ़ने नहीं दिया

ये  2009 का ही लोकसभा चुनाव था जब दिग्विजय सिंह के प्रभारी रहते हुए कांग्रेस ने दूसरे नंबर की पार्टी बनकर यूपी में 21 सीटें हासिल की थीं और बसपा तीसरे नंबर पर 20 सीटों पर थीं. मायावती ने ताज कॉरिडोर मामले में सीबीआई जांच में फंसाने का आरोप भी कांग्रेस पर लगाया था. एक पुराना मामला यह भी है कि जब मध्यप्रदेश में दस साल तक दिग्विजय सिंह की सरकार थी तब उन्होंने बसपा की ताकत को मध्य प्रदेश में कभी बढ़ने नहीं दिया. बसपा तीसरे मोर्चे के रूप में मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पायी, तो इसकी वजह दिग्विजय सिंह ही हैं. क्योंकि उस वक्त बसपा में कांशीराम का युग था और पार्टी पूरी ताकत से अपनी जड़े फैला रही थीं.

आज दिग्विजय सिंह कांग्रेस की उस फ्रंटलाइन लीडरशिप से बाहर हैं जो गठबंधन तय कर रही है. फिर भी मायावती ने अपना सॉफ्ट टारगेट दिग्विजय सिंह को चुना है. इसकी वजह राजनीतिक भी हो सकती है. राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करके बसपा ने भाजपा को सीधा फायदा पहुंचाया है. ऐसे में मायावती बीजेपी संघ को फिर सांप्रदायिक पार्टी बताकर अपना दामन साफ दिखाना चाहती हैं. दूसरा वो बीजेपी को इस बात के लिए खुश होने का मौका भी दे रही हैं कि उनकी हिटलिस्ट में भी दिग्विजय सिंह नंबर एक पर है.

बसपा सुप्रीमो के यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से रिश्ते मीठे हैं. इस वजह से वो गांधी परिवार का विरोध नहीं कर रहीं और एक राजनीतिक जवाब के रूप में दिग्विज सिंह का नाम आगे कर रही हैं. हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के बयानों से एक संकेत यह भी मिलता है कि संभव है 2018 के चुनाव के बाद तस्वीर बदल जाए. गांधी परिवार की तारीफ कर मायावती ने 2019 के लिए एक खिड़की तो खुली रखी है.

ये भी पढ़ें –  कितना सच बोल रही हैं मायावती, क्या वाकई अहंकार में डूबी है कांग्रेस

कमलनाथ की चुनाव आयोग को चुनौती – जो आरोप लगाए हैं उसे साबित करे

इन वजहों से बसपा से नहीं हो सकता था कांग्रेस का गठबंधन, इस रिपोर्ट ने किया था खुलासा

कमलनाथ ने कहा – बीएसपी से गठबंधन ना होने पर कांग्रेस को नहीं पड़ेगा फर्क़





Source link

The post हिंदी न्यूज़ – Analysis of Mayawati’s statement – मायावती के टारगेट पर दिग्विजय सिंह क्यों हैं appeared first on OSI Hindi News.



Powered by Blogger.