हिंदी न्यूज़ – छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, ये है वजह, Assembly election in chhattisgarh will be held in two faces because of Maoist activity


छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. 12 और 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी गई है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने चुनाव प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर चार राज्यों में चुनाव का ऐलान किया है. अब छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होंगा.चुनाव होने वाले राज्यों में आचार संहिता लागू कर दी गई है. छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होने वाले चुनाव में पहले फेज में 18 और दूसरे फेज में 72 सीटों पर वोटिंग होगी. मतगणना की प्रक्रिया 11 दिसंबर को होगी.

बता दें कि जिन राज्यों में चुनाव घोषित किए गए है उनमे केवल छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है जहां दो चरणों में चुनाव आयोग इलेक्शन कराएगा. इस फैसले के पीछे कुछ ऐसे फैक्टर है जिसके कारण इलेक्शन कमीशन ने छत्तीसगढ़ में दो फेज में चुनाव करने का फैसला लिया है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने भी छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव कराने का प्लान केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा था.

छत्तीसगढ़ के 27 में से 14 जिले नक्सल प्रभावित

चुनाव की दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक सेंसिटिव स्टेट है. अति संवेदनशील राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में सुरक्षा हमेशा एक अहम मुद्दा रहता है. छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में से 14 जिले नक्ल प्रभावित है. नक्सली हमेशा ही चुनाव का बहिष्कार करते आए है. बात अगर पिछले चुनाव की करें तो 2013 में हुए चुनाव में नक्सली प्रभावित इलाकों में चुनाव के दौरान लगभग 150 माओवादी घटनाएं हुई थी. इस वजह से ओपोजीशन पार्टी कांग्रेस ने 2018 के चुनाव में नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए खास एहतियात बरतने की मांग की थी.बस्तर के अतिसंवेदनशील इलाकों में चुनाव करवाना एक चुनौती

बस्तर के सेंसिटिव एरिया में नक्सली चुनाव का बहिष्कार करते आए है. 2013 के चुनाव के दौरान नक्सलियों ने कई घटनाएं की जिससे सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े हो गए थे. संवेदनशील इलाकों में चुनाव करवाना चुनाव आयोग के लिए भी चुनौती से कम नहीं है. चुनाव के मद्देनजर इन इलाकों में तकरीबन 50-60 हजार जवानों की तैनाती की जाती है. इन इलाकों में बूथ तक EVM पहुचाना, चुनाव करवाना, चुनाव अधिकारियों को इन इलाकों में चुनाव सामग्री लेकर जाना और वहां से वापस आना तक एक बड़ी चुनौती जैसा होता है. एक चरण का चुनाव खत्म होने के बाद जवानों को दूसरे इलाकों में भेजा जाता है. अधिकारी और जवानों की सुरक्षा के मद्देनजर भी इलेक्शन कमीशन ने दो चरण में चुनाव करने का फैसला लिया है.

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी नक्सल इलाकों के लिए बनाया खास प्लान

मिली जानकारी के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग ने नक्सल क्षेत्रों के 30 सीटों के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1100 कंपनियों की जरूरत बताई है. राज्य निर्वाचन आयोग इस फोर्स अतिसंवेदनशील (वर्नेलेबल) और क्रिटिकल मतदान केंद्रों में तैनात करेगी. छत्तीसगढ़ में 23411 मतदान केंद्र बनाए गए है. यह पिछली बार से करीब दो हजार अधिक है. नक्सल  इलाकों में सुरक्षा के सख्त इंतजान का प्लान चुनाव आयोग ने तैयार किया है. इन इलाकों में हेलिकॉप्टर से EVM लाया और ले जाया जाएगा. साथ ही इन इलाकों के निर्वाचन अधिकारियों को खास ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

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