हिंदी न्यूज़ – ईरान पर प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा भारत-रूस के व्यापारिक रिश्तों परः किरिल दमीट्रिएव-indian russia relation will not impacted by iran sanction


ईरान पर प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा भारत-रूस के व्यापारिक रिश्तों परः किरिल दमीट्रिएव
भारत दौरे पर आए रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड (आरडीआईएफ) के सीईओ किरिल दमीट्रिएव ने कहा कि ईरान पर इस तरह के नकारात्मक प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए.
Anil Kumar

Anil Kumar

| News18Hindi

Updated: October 5, 2018, 1:22 PM IST

जैसे-जैसे 4 नवंबर नजदीक आ रहा है अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध का असर अन्तरराष्ट्रीय बाजार में दिखना शुरू हो चुका है. लेकिन अच्छी बात यह है कि इस प्रतिबंध का असर भारत और रूस के बीच के व्यापारिक रिश्तों पर नहीं पड़ेगा. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रतिनिधि मंडल में भारत दौरे पर आए रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड (आरडीआईएफ) के सीईओ किरिल दमीट्रिएव ने कहा कि इस तरह के नकारात्मक प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध से वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार को नुकसान पहुंचता है.

ये भी पढ़ेंः कितना ताकतवर रूस का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम?

दमीट्रिएव ने कहा कि विश्व में आज कई जिओ पॉलिटिकल स्थिति में बदलाव हो रहे हैं लेकिन भारत और रूस लंबे समय से एक मजबूत साझेदार बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वैश्विक पटल में कई प्रतिबंध लगाए जा चुके है लेकिन भारत और रूस के रिश्ते और अधिक मज़बूत होते रहे हैं. अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर के असर से निपटने के लिए भारत, चीन और रूस को अपने व्यापारिक रिश्ते, निवेश और सहयोग बढ़ाने होंगे. उन्होंने कहा कि आज भारत सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है जहां कृषि, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने की अपार संभवनाएं है.

अन्तरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ते क्रूड ऑयल की कीमतों पर किरिल दमीट्रिएव ने कहा कि रूस तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि तेल उत्पादकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे तेल की कीमतों को स्थिर रखें. हालांकि रूस तेल और गैस उत्पादन में लगातार बढ़ोत्तरी कर रहा है ताकि अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की उपलब्धता बनी रहे और उसके बढ़ती कीमत के दबाव को कम किया जा सके. उन्होंने कहा कि आरडीआईएफ भारत मे निवेश करने को लेकर बहुत उत्साहित है. आरडीआईएफ के अलावा फोस एग्रो और इंडियन पोटाश भी भारत और रूस में मिनरल फर्टिलाइजर के उत्पादन में निवेश करेगा.उन्होंने कहा कि 2019 से 2021 तक 1 बिलियन डॉलर से अधिक रकम की 2 मिलियन टन से अधिक मात्रा का फोस एग्रो की आपूर्ति कराई जाएगी. रूसी निवेशक ने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में भी भारत में काम करना चाहते हैं जिसके लिए भारतीय कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी करेंगे. अगले 20 सालों के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत 1.5 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की योजना बना रहा है. इसके लिए भी आरडीआईएफ निवेश करने को इच्छुक है.

ये भी पढ़ेंः भारत-रूस के बीच डिफेंस के अलावा इन मुद्दों पर बन सकती है बात

गौरतलब है कि रूस के कुल वैश्विक व्यापार का 1.6 फीसदी भारत के साथ होता है. साल 2013-16 के दौरान रूस द्वारा भारत को किए जाने वाले निर्यात में 5 से 12 फीसदी की गिरावट हुई थी लेकिन साल 2017 में 22 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गयी. वहीं भारत से रूस को निर्यात किए जाने के मामले में पिछले 3 सालों में इजाफा देखा गया है. साल 2017 में एफडीआई के मामले में भारत द्वारा रूस में 760 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ वहीं रूस द्वारा भारत 145 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ. हालांकि 2010 में सबसे अधिक 2.6 बिलियन डॉलर का रूसी एफडीआई भारत आया था.

और भी देखें

Updated: October 03, 2018 07:27 PM ISTगरीबी के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा, हिम्मत नहीं हारी और बना दिया कार इंजन





Source link

The post हिंदी न्यूज़ – ईरान पर प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा भारत-रूस के व्यापारिक रिश्तों परः किरिल दमीट्रिएव-indian russia relation will not impacted by iran sanction appeared first on OSI Hindi News.



Powered by Blogger.