Most Popular

Wednesday, October 10, 2018

हिंदी न्यूज़ – बहराइच में बिना हलाला पत्नी को साथ रखना परिवार के लिए मुशीबत का सबब बना-Keeping the wife without a helpless wife made a lot of trouble for the family


बहराइच में तलाक के बाद बिना हलाला के अपनी पत्नी को साथ रखना एक परिवार के लिए मुसीबत का सबब बन गया है. धर्म के ठेकेदारों ने उसके बहिष्कार का फतवा जारी कर दिया है. इतना ही नहींं इसी बहिष्कार के चलते बीते 6 अक्टूबर को पीड़ित व्यक्ति के साढ़े चार वर्षीय मृत बच्चे को भी गांव के सामूहिक कब्रिस्तान में दफनाने से रोका गया. दबंगों से प्रताड़ित व्यक्ति ने जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर स्थानीय थाने में गुहार लगाई है. वहीं पुलिस ने गांव के मौलवी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

मुस्लिम समाज की तलाकशुदा महिलाओं के लिए हलाला जैसे कानून के विरुद्ध जहां संसद से अदालत तक का दरवाजा खटखटाया जा रहा है. वहीं इसके विरुद्ध ग्रामीण क्षेत्रों में भी बगावती तेवर अख्तियार किये जा रहे हैं. बहराइच जिले के थाना राम गांव इलाके के मुस्लिम बहुल गांव बौंडी फतेउल्लापुर में भी इस नियम के विरुद्ध आवाज देखने को मिली है. यहां के खुसबुद्दीन नाम के व्यक्ति ने पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय फिर स्थानीय थाने में तहरीर देकर गांव के मौलवी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.

उसका कहना है कि गांव के मौलवी इसरार हलाला के ठेकेदार बने हैं. वो हलाला न मानने वालों के विरुद्ध फतवा जारी करते हैं. उसका कहना है कि उसने 3 वर्ष पूर्व गुस्से में आकर अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था, लेकिन जब उसने धार्मिक किताब पढ़ी तो उसे मालूम हुआ कि उसका तलाक मंजूर नहीं हुआ. तो वो फिर से अपनी पत्नी के साथ रहने लगा, जिस पर गांव में उसका सामाजिक बहिष्कार शुरू हो गया.

इतना ही नहीं, बीते 6 अक्टूबर को जब उसके बच्चे की मौत हो गई थी, तो गांव के मौलवी इसरार ने उसके बच्चे को सामूहिक कब्रिस्तान में यह कहते हुए रोक दिया कि वो तलाकशुदा बीवी को बिना हलाला कराए अपने साथ रख रहा है, जो कि शरियत के विरुद्ध है. इसलिए वो अपने बच्चे को वहां नही दफना सकता. उसके मुताबिक हलाला न कराना उसके लिए मुसीबत का सबब बन चुका है. उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है. लोगों ने उसकी पत्नी से बोलना छोड़ दिया है. कोई उससे रिश्ता नही रख रहा है, न ही कोई उसके यहां कुछ भी खा पी रहा है.उसकी मानें तो मौलवी इसरार ने कहा कि जो शरीयत को न माने, उसकी प्रापर्टी जब्त कर लो, घर के मुखिया से लेकर उनके बच्चों तक का कत्ल कर दो. मौलवी इसरार का कहना है अगर यहां इस्लाम का शासन होता तो वो उसका कत्ल कर देते. लेकिन वो उसका सामाजिक बहिष्कार करते हैं. खुसबुद्दीन का कहना है कि वो मुस्लिम समाज की इन गंदी रवायतों को माननेवाला नही है. भारत के संविधान कोई कमी नही है, जबकि इनकी शरीयत इनकी खुद की बनाई हुई हैं. जिसका वो सुबूत पेश कर सकता है.

वहीं आरोपी इसरार का कहना है कि खुसबुद्दीन ने अपने कब्रिस्तान के हिस्से की जमीन बेंच दी थी और जब वो अपने बच्चे को उनके कब्रिस्तान में दफनाने ले जा रहे थे, तो उसने ये कहते हुए एतराज किया था कि, अपना कब्रिस्तान बेंच कर अब उसके कब्रिस्तान में क्यों दफनाने जा रहे हो.

गांव में हो रहे बहिष्कार से आजिज़ खुसबुद्दीन जब देर शाम थाना रामगांव पहुंचा तो वहां उसके विरोधियों से भी उसकी कहा सुनी हो गई. हालात बिगड़ते देख थानाध्यक्ष ब्रह्मानन्द सिंह ने दोनों पक्षों से पूंछतांछ की बाद में आरोपी इसरार के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया है. इस मामले में जहां गांव के ग्राम प्रधान समेत कई लोगों ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया है. तो उन्ही के सामने खुसबुद्दीन व उसके भाई जियाउद्दीन ने अपनी बात को सही ठहराया है. खुसबुद्दीन के भाई जियाउद्दीन का कहना है कि, दूसरे पक्ष के लोग आपस मे मिले हैं. उसने अपनी बीबी को तलाक दिया था, लेकिन फिर वो उसे लाना चाहता है. लेकिन वो आने को तैयार नही है.

रिपोर्ट-अखिलेश कुमार

ये भी पढ़ें:-

तीन तलाक, हलाला के खिलाफ आवाज उठाने वाली शबीना और निदा को मिल रही है धमकी

बरेली में दर्ज हुई हलाला मामले में पहली FIR, ससुर और पति के साथ पूरा परिवार आरोपी

बरेली: तीन तलाक के बाद ससुर के साथ हलाला, फिर शौहर ने किया रेप

बुलंदशहर: हलाला के खिलाफ जंग लड़ रही तीन तलाक पीड़िता पर एसिड अटैक





Source link

The post हिंदी न्यूज़ – बहराइच में बिना हलाला पत्नी को साथ रखना परिवार के लिए मुशीबत का सबब बना-Keeping the wife without a helpless wife made a lot of trouble for the family appeared first on OSI Hindi News.



0 comments:

Post a Comment