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Tuesday, October 9, 2018

हिंदी न्यूज़ – main accused of ak-47 rifles smuggling manjar alam arrested from patna in bihar


बिहार के मुंगेर से मिले एके 47 के मामले में फरार चल रहे मुख्य सरगना मंजी उर्फ़ मंजर आलम को पटना पुलिस ने एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है. मंजी की तलाश पुलिस को काफी समय से थी और वो इन हथियारों की तस्करी का मुख्य किरदार माना जा रहा है. मंजी को गिरफ्तार करने वाली पटना पुलिस के एसएसपी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जबलपुर से निकले AK-47 की सप्लाई मंजर को की गई थी जिसके बाद मंजर ने इस खतरनाक हथियार को कई लोगों को बेचा था. AK-47 मामले के अलावा मंजर पटना में भी हथियार तस्करी के मामले में फरार था. मंजी एके 47 बिहार और झरखंड सहित अन्य राज्यों में बेचने का काम करता है

इससे पहले मामले की जांच कर रही पुलिस ने हजारीबाग से पेट्रोल-डीजल कारोबारी बसंत साहू को गिरफ्तार किया था. पुलिस को आशंका थी कि ये मुंगेर के मंजर आलम से एके-47 रायफल लेता था जिसकी सप्लाई नक्सलियों को होती थी. हजारीबाग से मोहम्मद तनवीर और मंजर का साला मोनाजिर पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. उधर मुंगेर से बिहार पुलिस की जवान तराना परवीन के घर पर छापेमारी की गई. तराना का पति परवेज हथियार तस्करी के मामले में पहले से जेल में है.

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मोटे तौर पर जो नेक्सस बनता दिख रहा है उसके मुताबिक मध्य प्रदेश के जबलपुर सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो से एके-47 की तस्करी हथियारों की कालाबाजारी के लिए कुख्यात मुंगेर में होती थी जहां से इसकी सप्लाई नेताओं, अपराधियों, नक्सलियों और आतंकियों तक को होने की आशंका है.जबलपुर एसपी अमित कुमार के बाद मुंगेर एसपी बाबू राम ने भी न्यूज 18 को बताया था कि 2012 के बाद हुए आतंकी हमलों में इस्तेमाल हथियारों की स्टडी की जा रही है. खास तौर पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक जुलाई, 2016 को हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए एके 47 के मुंगेर कनेक्शन की खबरों के बाद जांच एजेंसियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. हालांकि बाबू राम ने बताया कि ढाका अटैक से कोई कनेक्शन अभी तक साबित नहीं हुआ है.

गिरफ्तार तस्कर

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इस रैकेट के तार कई राज्यों से जुड़े होने और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों का नाम आने के कारण नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी यानी एनआईए खुद इसकी जांच करने जा रही है. पिछले दिनों न्यूज18 ने ये एक्सक्लूसिव जानकारी दी थी कि बिहार पुलिस मुख्यालय ने एनआईए से जांच की सिफारिश की है.
इस बीच रविवार को पूरे दिन हजारीबाग के गिद्दी इलाके में यही चर्चा रही की एनआईए की टीम ने ही बसंत साहू को पकड़ा है, क्योंकि उसे कहां रखा गया है इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई है.

एनआई की टीम पहुंचने वाली है मुंगेर

उधर दिल्ली में खुफिया विभाग के सूत्रों ने जानकारी दी है कि एनआईए की टीम जल्दी ही मुंगेर पहुंचने वाली है. मुंगेर के एसपी बाबू राम ने न्यूज18 से बातचीत में संकेत दिया था कि एनआईए की जांच में वो पूरा सहयोग करेंगे.

पुलिसिया जांच से ये साफ हुआ है कि मुंगेर का मंजर आलम नक्सलियों को एके-47 सप्लाई करने की अहम कड़ी है. ये अभी तक गिरफ्त में नहीं आ सका है. मंजर ऊर्फ मंजी पर जबलपुर सीओडी से गायब 50 से 60 एके 47 झारखंड के कोल माफिया से लेकर नक्ससलियों तक को सप्लाय करने का आरोप है.

इसका घर भी मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरदह में है जहां की धरती एके-47 उगल रही है. अब तक 20 एके-47 बरामद हुए हैं और बरदह के खेतों की खुदाई में सैंकड़ों इस खतरनाक रायफल के सैंकड़ों स्पेयर पार्ट्स मिल चुके हैं.

मंजर झारखंड के हजारीबाग में कोल माफिया से लेकर नक्सलियों तक एके 47 के सप्लाई का काम अपने रिश्तेदारों के माध्यम से करवाता था और अपने ब्लैक मनी को व्हाइट करवाता था. मुंगेर एसपी ने बताया है कि मंजी की गिरफ़्तारी के लिए झारखंड से लेकर बिहार के कई जिलों में छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसकी गिरफ़्तारी हो जाएगी.

इस मामले में बिहार के मुंगेर से सात, झारखंड के हजारीबाग से तीन, पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से एक और मध्यप्रदेश के जबलपुर से तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

कैसे हुआ खुलासा ?

जब 29 अगस्त को जमालपुर रेलवे स्टेशन के बाहर मोहम्मद इमरान को संदिग्ध अवस्था में दो बाइक सवार जवानों ने पकड़ा तब तक कतई ये अंदेशा नहीं था कि ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो जाएगा. इमरान के सूटकेस से तीन एके-47 मिले और उसके बाद मामला परत दर परत उजागर हुआ तो जांच एजेंसियों के होश उड़ गए.

जबलपुर डिपो से 2012 से 2018 के बीच 100 से ज्यादा एके 47 रायफल गायब किए गए. इसमें वहां से रिटायर पुरुषोत्तम रजक और ऑर्डनेंस डिपो के सिविल कर्मचारी सुरेश ठाकुर की मिलीभगत ने अहम भूमिका निभाई. पुरुषोत्तम अपनी पत्नी चंद्रावती के साथ एके-47 जमालपुर स्टेशन लाता था और यहां से मुंगेर सिंडिकेट उसे रिसीव करता था. जबलपुर पुलिस पुरुषोत्तम, चंद्रावती और सुरेश को गिरफ्तार कर चुकी है.

मुंगेर से इमरान की निशानदेही के बाद शमसेर के पास से तीन एके 47 मिला. मामले की संवेदनशीलता तब सामने आई जब शमसेर के भाई और भारतीय सेना के जवान रियाजुल की भूमिका भी इसमें सामने आई और उसे बागडोगरा कैंप से गिरफ्तार किया गया.

इनपुट- अरूण कुमार शर्मा





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