हिंदी न्यूज़ – राहुल गांधी ने कहा- सहयोगी दल चाहेंगे तो जरूर बनूंगा प्रधानमंत्री-Rahul Gandhi says If the allies will say i will be the next pm


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद अगर सहयोगी दल चाहेंगे तो वह जरूर प्रधानमंत्री बनेंगे. राहुल ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को ‘बहुत अधिक’ सीटें मिलेंगी.

एक अंग्रेजी अखबार के कार्यक्रम में राहुल ने एक सवाल के जवाब कहा, ‘विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने के बाद यह फैसला किया गया कि चुनाव में दो चरण की प्रक्रिया होगी. पहले चरण में हम मिलकर भाजपा को हराएंगे. चुनाव के बाद दूसरे चरण में हम प्रधानमंत्री के बारे में फैसला करेंगे.’

अगर विपक्षी और सहयोगी दल चाहें तो उनका रुख क्या होगा, इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर वे चाहेंगे तो मैं निश्चित तौर पर बनूंगा.’

दरअसल, उनसे कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय उनके उस बयान का हवाला देते हुए सवाल किया गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी हुई तो वह प्रधानमंत्री बनेंगे.‘कांग्रेस सत्ता में आई तो मैं तीन काम करूंगा’
सरकार बनने की स्थिति में अपनी योजनाओं के बारे में राहुल ने कहा, ‘कांग्रेस सत्ता में आई तो मैं तीन काम करूंगा. पहला काम छोटे और लघु उद्यमियों को मजबूत करूंगा, दूसरा- किसानों को यह अहसास कराउंगा कि वे महत्वपूर्ण हैं. मेडिकल और शैक्षणिक संस्था भी बनाएंगे. ’

राहुल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की वही स्थिति हो सकती है जो आज तेल के क्षेत्र में सऊदी अरब की है.

‘मैंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है’
सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है. मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया है. मैं पहले ज्यादा धैर्यवान नहीं था, लेकिन मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया.’

मोदी सरकार की नीतियों पर हमला
नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि आप किसी एक वर्ग के बारे में सोचकर देश को विकसित कर सकते हैं. समस्या यह है कि आज विभिन्न समूहों के बीच बातचीत नहीं हो रही है. छोटे-मध्यम स्तर के कारोबारियों पर ध्यान देना होगा. हमें नौकरियां पैदा करनी होगी. कम्यूनिकेशन बढ़ाना होगा.’

‘किसानों की समस्या का समाधान बात करने से निकलेगा’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘जो भी किसान चाहता है आप उनकी हर बात को पूरी नहीं कर सकते. जो भी उद्योग जगत चाहता है उनकी सारी मांग को आप पूरा नहीं कर सकते, लेकिन आपको इनसे बात करनी होगी तभी समाधान निकलेगा.’

‘नोटबंदी के पक्ष में नहीं होगा कोई अर्थशास्त्री’
राहुल ने कहा, ‘कोई भी गंभीर अर्थशास्त्री नोटबंदी के पक्ष में नहीं होगा. इसमें कोई तर्क नहीं था और यह हास्यास्पद चीज थी.’

‘जीएसटी का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं था’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘जीएसटी पर हमारी सोच अलग थी. हम जीएसटी का सरल स्वरूप चाहते थे. जीएसटी का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं था. क्या हमारे छोटे और मिडिल कारोबारी जीएसटी से खुश हैं? वे खुश नहीं हैं. वे कह रहे हैं कि इसे सरल बनाइए क्योंकि यह हमें खत्म कर रही है. ’

‘मौजूदा सरकार किसी से बात नहीं करना चाहती’
राहुल ने कहा, ‘इस सरकार और हमारी सरकार में यह बुनियादी फर्क है कि हम भारत के लोगों पर विश्वास करते थे, लेकिन मौजूदा सरकार मानती है कि सारा ज्ञान उनके पास है और वे किसी से संवाद नहीं करना चाहते हैं. ’

‘कांग्रेस के समय दो लाख करोड़ रुपये का एनपीए’
एनपीए को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘कांग्रेस के समय दो लाख करोड़ रुपये का एनपीए था. इनके समय में 12 लाख करोड़ रुपये का एनपीए है. कृपया बताइए कि यह एनपीए इतना कैसे हुआ है?’

‘पाकिस्तान हमारे यहां आतंकी गतिविधियां करवाता है’
मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े करते हुए राहुल ने कहा, ‘पाकिस्तान एक अलग तरह का पड़ोसी है. उसके यहां स्ट्रक्चरल दिक्कतें हैं. वहां चार-पांच केंद्र हैं और यह समझ नहीं आता कि किससे बात करनी है. पाकिस्तान हमारे यहां आतंकी गतिविधियां करवाता है. उसकी बात अलग है. लेकिन दूसरे पड़ोसियों के साथ बातचीत की बहुत संभावनाएं हैं.भारत को अमेरिका और चीन के बीच अपनी जगह बनानी होगी और यह स्ट्रैटेजिक फॉरेन पॉलिसी से हो सकता है.’

‘नेपाल एक मिसाल है’
राहुल ने कहा, ‘नेपाल एक मिसाल है. वह प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करता था, लेकिन दो महीने में ही उन्हें नापंसद करने लगा.’





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